भविष्य के लिए खतरे की घंटी है अमेजन के जंगल की आग और ग्लेशियरों का पिघलना, जानिए कैसे?

नई दिल्ली धरती पर मौजूद प्राकृतिक संसाधन किसी न किसी वजह से खत्म हो रहे हैं। ये भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। यदि इन प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और सहेजने के लिए अभी से कड़े कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले कुछ सालों में इसके भयानक परिणाम देखने को मिलेंगे। दुनिया का फेफड़ा कहे जाने वाले अमेजन के जंगल में लगी आग और ग्लोबल वर्मिंग की वजह से पिघल रहे ग्लेशियर इस चिंता को और भी बढ़ा रहे हैं। धरती पर मौजूद ये कुछ ऐसे प्राकृतिक स्त्रोत हैं जो पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हैं, यदि किसी वजह से इन प्राकृतिक स्त्रोतों को ही नुकसान पहुंचता है तो उसके परिणाम का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

इस साल कुछ माह पहले ही वैज्ञानिकों ने चेताया था कि हिमालय में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने का सिलसिला चल रहा है। साल 2050 तक यहां के 650 ग्लेशियरों के पिघल जाने का अनुमान है। दूसरी ओर कुछ दिन पहले दुनिया का फेफड़ा कहे जाने वाले अमेजन के जंगल में आग लगने की घटना हो चुकी है, यहां पर आग लगने से दुनियाभर के वैज्ञानिक और पर्यावरणविद परेशान है।

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