R24 News :11th Defence Expo : डिफेंस एक्सपो 2020- रक्षामंत्री की मौजूदगी में 50 हजार करोड़ के 23 एमओयू

Publish Date:Fri, 07 Feb 2020

R24news :लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावनाओं के साथ देश को रक्षा उत्‍पादन, शोध और उसके विकास के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में जो प्रयास प्रारंभ हुआ है, उसकी श्रृखंला के क्रम में डिफेंस एक्‍सपो का सफल आयोजन आज अपनी नई ऊंंचाईयों को प्राप्‍त कर रहा है। यह बातें यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने डिफेंस एक्‍सपो में कहीं। उन्‍होंने बताया कि आज यहां पर विभिनन प्रकार के एमओयू कार्यक्रम रक्षा मंत्री के सामने पूरा हुआ है।

11th Defence Expo एक्सपो परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आयुध                       निर्माणी बोर्ड की अंतरराष्ट्रीय मानकों की शारंग तोप सेना को सौंपेंगे।

सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कहा, यूपी देश के अंदर निवेश का सबसे बेहतर डेस्टिनेशन बना है। आज यूपी के साथ UPEDA के माध्यम से 50 हजार करोड़ के 23 एमओयू साइन हुए है। ये एमओयू डिफेंस कॉरिडोर के लिए हुये है, जो बुंदेलखंड की तस्वीर बदल देगा। कहा, मुझे प्रसन्‍नता है कि रक्षा मंत्रालय ने अब तक इस प्रकार के एमओयू को बंधन के रूप में एक नया नामकरण देकर इसके साथ भावनात्‍मक संबध जोड़ा है। इसके लिए मैं सबका ह्रदय से स्‍वागत करता हूं। मुझे प्रसनना है कि डिफेंस एक्‍सपो का यह आयोजन करने का अवसर हमारी सरकार को प्राप्‍त हुआ। उत्‍तर प्रदेश ने इसमें सहभागी बन के प्रदेश की संभावनाओं को देश और दुनिया के सामने रखने का एक प्रयास किया है।

राजनाथ सिंह ने कहा, देश मे DRDO द्वारा 23 TOT साइन किया गए है। प्राइवेट सेक्टर्स को DRDO टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करेगा। उन्‍होंने कहा, हम जल्द ही एक्सपोर्टर बनने जा रहे हैं। HAL और DGCA के बीच भी डाक्यूमेंट्स एक्सचेंज हुआ है। इससे रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। उड़ान योजना के तहत यूपी के अधिकांस जिले जुड़ेंगे। एशिया के विशालतम रक्षा उपकरण प्रदर्शनी यानी डिफेंस एक्स्पो में तीसरे दिन शुक्रवार को रक्षा सौंदों का दिन है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में डेढ़ दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण रक्षा करार होंगे। इसमें रक्षा उत्पादों के निर्माण संबंधी कई एमओयू साइन होंगे।

उत्तर प्रदेश व डीआरडीओ के बीच एमओयू

उत्तर प्रदेश व डीआरडीओ के बीच एमओयू साइन हुआ है। उत्तर प्रदेश और डीआरडीओ के बीच इनके निर्मित मैन माउंटेड कूलिंग सिस्टम, ऑप्टिकल टारगेट लोकेटर 600, हाई पावर एलआइ इयान बैटरी तथा कॉम्बैट फ्री फाल सिस्टम के लिए करार हुआ है। बंधन कार्यक्रम के तहत इंटीग्रेटेड बॉडी आरमोर को भी क्लीयरेंस मिला है। डिफेंस एक्सपो में तीसरे दिन थर्ड जनरेशन अमोघ 3 एन्टी टैंक गाइडेड मिसाइल को लॉन्च किया गया है। जिसकी मारक क्षमता 200 मीटर से 2.5 किलोमीटर है।

पानी में बारूदी सुरंगे बिछाने में मदद करेगी पी 75 आई

पी 75आई स्कॉर्पियन क्लास अटैक सबमरीन यानी पनडुब्बियां हैं। इसके वर्ष 2022 तक तैयार होने उम्मीद है। पनडुब्बियां हवाई सर्विलांस, इंटेलीजेंस, एंटी सबमरीन वारफेयर, पानी में बारूदी सुरंगे बिछाने में मदद करती हैं। इस पर राडार, टारपीडो सहित एंटी शिप मिसाइल भी तैनात रहती है। गोवा शिपयार्ड की ओर से पांच से ज्यादा करार होंगे। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. (बीईएल), एलएएल, आयुध निर्माण फैक्टरी, भारत डायनेमिक्स लि., हिंदुस्तान शिपयार्ड लि. भी एमओयू की तैयारी में है।

इनके साथ क्रेसनी डिफेंस के साथ शिप उपकरणों को लेकर करार होगा। पीटीसी इंडस्ट्रीज के साथ शिप में इस्तेमाल होने वाले वॉल्व, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) लखनऊ व गिब्स कॉक्स से कंसल्टेंसी और श्री रिफ्रेजरेशन से चिलर्स के लिए भी एमओयू होंगे।

रूस के साथ 14 एमओयू

वृंदावन एक्सपो स्थल पर पांचवें भारत रूस मिलिट्री इंडस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के दौरान गुरुवार को 14 एमओयू हुए। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। इंटर गवर्नमेंट एग्रीमेंट के तहत भारत में ही रक्षा निर्माण से जुड़े पार्ट्स को बनाने का प्रपोजल आया। इसे भारतीय नौसेना को हैंडओवर किया गया। एमओयू में स्पेयर पार्ट्स बनाने के कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं।

झांसी में डिफेंस पार्क, एयरक्राफ्ट यूनिट लगाएगी यूक्रेन की कंपनी

यूक्रेन, अमेरिका और भारतीय कंपनियों ने प्रदेश में विकसित किए जा रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर में निवेश की इच्छा जतायी है। यूक्रेन, यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआइबीसी) और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआइडीएम) के प्रतिनिधिमंडलों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर डिफेंस कॉरीडोर में निवेश की पेशकश की।

डिफेंस एक्सपो में स्थापित यूपी पैवेलियन में हुई मुलाकात के दौरान यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे वहां के राजदूत डॉ. इगोर ने कहा कि उनका देश उप्र के साथ सफल साझेदारी चाहता है। विमानन क्षेत्र की यूक्रेन की कंपनी तितान एविएशन एंड एयरोस्पेस लिमिटेड के निदेशक के. गिरि कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी कंपनी डिफेंस कॉरीडोर के तहत झांसी नोड में निवेश की इच्छुक है। वह झांसी में हवाई जहाजों और उनके पुर्जों के निर्माण की इकाई स्थापित करना चाहती है जिसे दो साल के अंदर चालू करने का इरादा है। कंपनी झांसी में ही डिफेंस पार्क भी स्थापित करने की इच्छुक है। इस पार्क में हेलीकॉप्टर और इससे जुड़े पुर्जों के निर्माण की इकाइयां स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यूक्रेन की कंपनी को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

वहीं यूएसआइबीसी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री ने अमेरिकी कंपनियों को प्रदेश में रक्षा क्षेत्र के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण आदि क्षेत्रों में भी निवेश के लिए आमंत्रित किया। यूएसआइबीसी की प्रेसीडेंट निशा बिस्वाल ने मुख्यमंत्री से कहा कि अमेरिका के उद्योगपति भारत में सप्लाई चेन की स्थापना के लिए कार्य करना चाहते हैं। डिफेंस सप्लाई चेन में उत्तर प्रदेश बहुत कुछ ऑफर कर सकता है। यूएसआइबीसी प्रतिनिधिमंडल के एक अन्य सदस्य ने अपनी कंपनी जैकब्स इंजीनियरिंग द्वारा डिफेंस कॉरीडोर में निवेश में रुचि दिखायी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद सौदा है। राज्य सरकार निवेशकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

एक अन्य बैठक में एसआइडीएम के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर प्रदेश के डिफेंस कॉरीडोर में निवेश की इच्छा जतायी। एसआइडीएम नॉलेज पार्टनर के रूप में यूपीडा से जुड़ा है।

For more info kindly follow us on :

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Login to your account below

Fill the forms bellow to register

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.